भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाण भारती।
तस्यां हि काव्यं मधुरं तस्मादपि सुभाषितम्॥

Monday, March 2, 2026

१४३७. अहंकूटा भयत्रस्तै:कृता त्वं होलि बालिशै:।

 १४३७. अहंकूटा भयत्रस्तै:कृता त्वं होलि बालिशै:।  

अतस्त्वां पूजयिष्यामि  भूते भूतिप्रदा भव ॥

अर्थ:

हे होलिका देवी, भीतीने गाळण उडालेल्या बावळट लोकांनी तुझं (वर्णन) कोड्या प्रमाणे  (गहन आहेस ) असं केलं आहे. तर मी तुझं पूजन करतो. हे देवी, प्राणीमात्रांची तू भरभराट कर.

Hindi Translation:

हे होलिका देवी, डर से घबराए हुए मूर्ख लोगों ने तुम्हारा वर्णन पहेली के समान (तुम गूढ़ हो) ऐसा किया है। इसलिए मैं तुम्हारी पूजा करता हूँ। हे देवी, समस्त प्राणियों की उन्नति और समृद्धि करो।


English Translation:

O Goddess Holika, foolish people who are frightened have described you as a riddle (as being profound and mysterious). Therefore, I worship you. O Goddess, bless all living beings with growth and prosperity.

Friday, February 13, 2026

१४३६. अहिल्या द्रौपदी सीता तारा मंदोदरी तथा |

अहिल्या द्रौपदी सीता तारा मंदोदरी तथा |

पञ्चकं ना स्मरेन्नित्यं महापातकनाशनम्  ॥


अर्थ :-

अहिल्या, द्रौपदी, सीता, तारा आणि मंदोदरी या पाच (अलौकिक) महिलांच माणसाने नेहमी स्मरण करावे.(त्यामुळे) मोठ्या पापांचा नाश होतो.

English:
A person should always remember the five (extraordinary/divine) women — Ahalya, Draupadi, Sita, Tara, and Mandodari. By doing so, great sins are destroyed.


Hindi:
मनुष्य को पाँच (अलौकिक) स्त्रियों — अहिल्या, द्रौपदी, सीता, तारा और मंदोदरी — का सदा स्मरण करना चाहिए। ऐसा करने से बड़े पापों का नाश होता है।