भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाण भारती।
तस्यां हि काव्यं मधुरं तस्मादपि सुभाषितम्॥

Friday, July 10, 2026

१४९२. दृढतरगलकनिबन्ध: कूपनिपातोsपि कलश , ते धन्य:।

१४९२. दृढतरगलकनिबन्ध: कूपनिपातोsपि कलश , ते धन्य:। 

यज्जीवनदानैस्त्वं तर्षामर्षं नृणां हरसि ॥


अर्थ :- हे कळशी, जरी विहिरी मध्ये तुझा अध:पात झाला असला , तुझ्या गळ्यात पक्का फास आवळलेला असला तरी तू कृतकृत्य आहेस. कारण की जीवन (पाणी)दान करून तू लोकांची तहान भागवतेस.


हिंदी अनुवाद

हे कलश (घड़े), भले ही कुएँ में तेरा पतन (पतन/गिरना) हुआ हो, और तेरे गले में पक्का फंदा कसा हुआ हो, फिर भी तू कृतकृत्य (धन्य) है। क्योंकि जीवन (पानी) का दान देकर तू लोगों की प्यास बुझाता है।

English Translation

O pitcher, even though you have fallen into the well and a tight noose is fastened around your neck, you are still fulfilled and blessed. For by donating life (water), you quench the thirst of the people.

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