भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाण भारती।
तस्यां हि काव्यं मधुरं तस्मादपि सुभाषितम्॥

Sunday, May 31, 2026

१४५६. न विश्वसेत्कुमित्रे च मित्रे चापि न विश्वसेत् ।

१४५६. न विश्वसेत्कुमित्रे च मित्रे चापि न विश्वसेत् । 
कदाचित्कुपितं मित्रं सर्वगुह्यं प्रकाशयेत् ॥

अर्थ :- 

अयोग्य मित्रावर विश्वास ठेवू नये. (जवळच्या) मित्रावर देखील (आंधळा) विश्वास टाकू नये. चिडलेला मित्र एखाद्या वेळी सर्व गुप्त गोष्टी सांगून टाकेल.

Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"अयोग्य (बुरे) मित्र पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए। यहाँ तक कि अपने (करीबी) मित्र पर भी (अंधा) विश्वास नहीं करना चाहिए। क्योंकि यदि वह मित्र कभी आपसे रुष्ट (क्रोधित) हो गया, तो वह आपकी सभी गुप्त बातें (भेद) दूसरों के सामने उजागर कर सकता है।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"One should never trust an untrustworthy friend. In fact, one should not put blind faith even in a close friend. For if that friend ever gets angry or upset with you, they might reveal all your secrets to everyone."


Saturday, May 30, 2026

१४५५. नराणां नापितो धूर्त:पक्षिणां चैव वायस:।

१४५५. नराणां नापितो धूर्त:पक्षिणां चैव वायस:।

चतुष्पदां शृगालस्तु स्त्रीणां धूर्ता तु मालिनी ॥


अर्थ :- न्हावी माणसांमध्ये धूर्त असतो. कावळा पक्ष्यांमध्ये धूर्त असतो. चार पायांच्या प्राण्यांमध्ये कोल्हा लबाड असतो. बायकांमध्ये माळ्याची बायको लबाड असते.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"मनुष्यों में नाई सबसे चतुर (धूर्त) होता है। पक्षियों में कौआ चतुर होता है। चार पैरों वाले जानवरों में लोमड़ी (सियार) सबसे चालाक होती है। और महिलाओं में मालिन (माली की पत्नी) सबसे चालाक होती है।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"Among men, the barber is the shrewdest. Among birds, the crow is the craftiest. Among four-legged animals, the fox (jackal) is the most cunning. And among women, the florist's (gardener's) wife is the most wily."

Friday, May 29, 2026

१४५४. षडजं वदेन्मयूरो हि ऋषभं चातको वदेत्।अजा वदति गांधारं क्रौञ्चो वदति मध्यमम् ॥

१४५४. षडजं वदेन्मयूरो हि ऋषभं चातको वदेत्।अजा वदति गांधारं क्रौञ्चो वदति मध्यमम् ॥

पूष्पसाधारणकाले  कोकिल: पञ्चमं वदेत् ।  दर्दुरा धैवतं चैन निषादं च वदेत् गज:॥


अर्थ :- वनवासी प्राण्यांच्या आवाजाबद्दल कवी सांगतो आहे. 

मोराची (केका) षड्जात असते, चातकाच ओरडणं ऋषभातलं ,  शेळी गांधार तर क्रौंच मध्यम स्वर लावतो. वसंत ऋतूच्या वेळी कोकिळ पञ्चमात गातो. बेडकांचा धैवत असतो तर हत्ती निषाद आळवतो.

हे सुभाषित भारतीय शास्त्रीय संगीतातील सात स्वरांची (सा-रे-ग-म-प-ध-नी) उत्पत्ती निसर्ग आणि पशु-पक्ष्यांच्या आवाजातून कशी झाली, याचे अतिशय सुंदर वर्णन करते.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"वनवासी (जंगल में रहने वाले) प्राणियों की आवाज़ के बारे में कवि बता रहा है। मोर की आवाज़ (केका) 'षड्ज' (सा) स्वर की होती है, चातक का बोलना 'ऋषभ' (रे) स्वर में होता है, बकरी 'गांधार' (गा) स्वर लगाती है, तो क्रौंच पक्षी 'मध्यम' (मा) स्वर लगाता है। वसंत ऋतु के समय कोयल 'पंचम' (पा) स्वर में गाती है। मेंढकों का स्वर 'धैवत' (धा) होता है, जबकि हाथी 'निषाद' (नी) स्वर अलापता है।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"The poet is describing the sounds of wild animals and birds. The peacock's call (Keka) corresponds to the 'Shadja' (Sa) note, the chatak bird's cry is in 'Rishabha' (Re), the goat bleats in 'Gandhara' (Ga), while the heron (Kraudcha) hits the 'Madhyama' (Ma) note. During the spring season, the cuckoo sings in 'Panchama' (Pa). The croaking of frogs represents 'Dhaivata' (Dha), whereas the elephant trumpets in the 'Nishada' (Ni) note."


विशेष टिपणी / Contextual Note: यह सुभाषित भारतीय शास्त्रीय संगीत के सात सुरों (सारेगामापधनी) की उत्पत्ति प्रकृति और पशु-पक्षियों की आवाज़ों से कैसे हुई, इसका बहुत ही सुंदर वर्णन करता है।

Thursday, May 28, 2026

१४५३. पानीयं प्राणिनां प्राणा विश्वमेव च तन्मयम् ।

१४५३. पानीयं प्राणिनां प्राणा विश्वमेव च तन्मयम् । 

नहि तोयाद्विना वृत्ति:स्वस्थस्य व्याधितस्य वा ॥


अर्थ :- प्राणीमात्र हे पाण्यावर अवलंबून असतात. हे जग पाणीमय आहे. माणूस आजारी असो किंवा तंदुरुस्त असो, पाण्याशिवाय जगू शकत नाही.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"सभी प्राणीमात्र पानी पर निर्भर हैं। यह संसार जलमय (पानी से परिपूर्ण) है। मनुष्य चाहे बीमार हो या तंदुरुस्त, वह पानी के बिना जीवित नहीं रह सकता।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"All living beings depend on water. This world is filled with and sustained by water. Whether a person is sick or healthy, they cannot survive without water."



Wednesday, May 27, 2026

१४५२. जलजा नवलक्षाश्च दशल‌क्षाश्च पक्षिण:।

१४५२. जलजा नवलक्षाश्च दशल‌क्षाश्च पक्षिण:।
कृमयो रुद्रलक्षाश्च विंशल्लक्षा गवादय:॥
स्थावरास्त्रिंशल्लक्षाश्च चतुर्लक्षाश्च मानवा:।
पापपुण्यं  समं कृत्वा नक्षयोनिषु जायते ॥

अर्थ :- 

(या जगात) 9 लाख जलचर आहेत, पक्ष्यांच्या दहा लाख,अकरा लाख किडे आहेत. वीस लाख गवे आहेत, तीस लाख झाडे आहेत आणि चार लाख माणसे आहेत. पाप आणि पुण्य जेव्हा समसमान होते तेव्हा मनुष्य जन्म मिळतो. 

८४ लक्ष योनींची गणना. 

Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

(इस संसार में) 9 लाख जलचर (पानी के जीव) हैं, पक्षियों की संख्या दस लाख है, ग्यारह लाख कीड़े-मकोड़े हैं। बीस लाख चौपाये (पशु/गवे) हैं, तीस लाख वृक्ष (पेड़-पौधे) हैं और चार लाख मनुष्य हैं। जब पाप और पुण्य समान होते हैं, तब मनुष्य का जन्म मिलता है।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

(In this world) there are 900,000 aquatic creatures, 1,000,000 types of birds, and 1,100,000 insects. There are 2,000,000 quadrupeds/cattle, 3,000,000 trees and plants, and 400,000 human forms. It is only when one's sins (demerits) and virtues (merits) become perfectly balanced that one is blessed with a human birth."


टीप / Note: यह सुभाषित प्रसिद्ध 'चौरासी लाख योनि' (84 Lakh Species/Life-forms) के चक्र को दर्शाता है, जहाँ कुल योग $9 + 10 + 11 + 20 + 30 + 4 = 84$ लाख होता है। 

Tuesday, May 26, 2026

१४५१. अनभ्यासे विषं शास्त्रमजीर्णे भोजनं विषम् ।

१४५१. अनभ्यासे विषं शास्त्रमजीर्णे  भोजनं विषम् । 
दरिद्रस्य विषं गोष्ठी वृद्धस्य तरुणी विषम् ॥

अर्थ :- 

नेहमी त्या शास्त्राचं वाचन(अभ्यास) केला नाही तर ते शास्त्र विषाप्रमाणे त्या व्यक्तीला नुसते अहंकार चिकटवून असेल. आधीच अजीर्ण झाले असेल तर जेवण हे विषाप्रमाणे आहे. जलशाला (सभेला) जाणे हे दरिद्र्याला विषप्राशना सारखं आहे. तरुणींबद्दल ओढ वाटणं हे म्हातारपणी विष प्राशन करण्या सारखे आहे.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"यदि नियमित रूप से उस शास्त्र का वाचन (अध्ययन) न किया जाए, तो वह शास्त्र विष के समान उस व्यक्ति को केवल अहंकार से जकड़ देता है। यदि पहले से ही अपच (अजीर्ण) हो, तो भोजन विष के समान होता है। किसी जलसे (सभा/गोष्ठी) में जाना एक दरिद्र (निर्धन) व्यक्ति के लिए विषपान करने जैसा है। और बुढ़ापे में युवतियों के प्रति आकर्षण (आसक्ति) होना विषपान करने के समान है।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"If one does not regularly read or study a scripture, that knowledge, like poison, merely clings to the person as pure ego. If one is already suffering from indigestion, food acts like poison. Attending a grand assembly or gathering is like drinking poison for a destitute person. Similarly, harboring a craving or longing for young women in old age is equivalent to consuming poison."

Monday, May 25, 2026

१४५०. त्यजेद्धर्मं दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत् ।

१४५०. त्यजेद्धर्मं दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत् । 

त्यजेत्क्रोधमयीं भार्यां नि: स्नेहान्बान्धवान् त्यजेत् ॥ 

आर्य चाणक्य


अर्थ :- निर्दयी धर्माचा त्याग करावा, ज्ञानहीन अशा गुरूला सोडून (ज्ञानी गुरू)  करावा. रागीट पत्नी सोडून द्यावी. ज्यांना माया नाही अशा नातेवाईकांचा पण त्याग करावा. 


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"निर्दयी धर्म का त्याग कर देना चाहिए, ज्ञानहीन गुरु को छोड़कर (ज्ञानी गुरु को) अपनाना चाहिए। क्रोधी पत्नी को छोड़ देना चाहिए और जिन रिश्तेदारों में कोई प्रेम (माया) या स्नेह न हो, उनका भी त्याग कर देना चाहिए।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"One should abandon a religion that lacks compassion, and leave an ignorant guru to seek a wise one. A short-tempered wife should be left behind, and those relatives who have no love or affection (Maya) for you should also be renounced."


Sunday, May 24, 2026

१४४९. मत्सम: पातकी नास्ति पापघ्नी त्वत्समा न हि ।

१४४९. मत्सम: पातकी नास्ति पापघ्नी त्वत्समा न हि । 

एवं ज्ञात्वा महादेवि यथायोग्यं तथा कुरु ॥

शंकराचार्य


अर्थ :-  हे पार्वती देवी, माझ्या सारखा (अत्यंत) पापी माणूस भेटणार नाही आणि तुझ्या सारखी (अतिशय कनवाळू भक्तांच्या) पापांचे डोंगर नष्ट करणारी (देवी) पण मिळणार नाही. तर हे लक्षात घेऊन तू योग्य ते (माझ्या पापांचा नाश) करून टाक.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"हे पार्वती देवी! मेरे जैसा (अत्यंत) पापी मनुष्य तुम्हें कहीं नहीं मिलेगा और तुम्हारे जैसी (अतिशय दयालु, भक्तों के) पापों के पहाड़ को नष्ट करने वाली (देवी) भी कोई और नहीं मिलेगी। अतः इस बात को ध्यान में रखते हुए, तुम जो उचित हो वही (मेरे पापों का नाश) करो।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"O Goddess Parvati! You will never find a sinner as wretched as me, and I will never find anyone like you who is so compassionate and capable of destroying mountains of sins. Keeping this in mind, please do what is appropriate (and destroy my sins)."

Saturday, May 23, 2026

१४४८. जिह्वायाश्छेदनं नास्ति न तालुपतनाद्भयम् ।

१४४८. जिह्वायाश्छेदनं नास्ति न तालुपतनाद्भयम् । 

निर्विशेषेण वक्तव्यं निर्लज्ज: को न पण्डित:॥


अर्थ : - (वाट्टेल ते बोलल तरी) जीभ काही तुटत नाही, टाळू गळून पडत नाही. त्यामुळे (विचार न करता तोंडाला येईल ते) बोलत सुटाव.  (एकदा) लाज सोडली की सर्व जण ज्ञानीच आहेत.

हे विरोधी अर्थाने म्हटले आहे. कवीला अशा लोकांची निंदा करायची आहे.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

(चाहे जो भी बकवास की जाए) जीभ टूट नहीं जाती और न ही तालू गिर पड़ता है। इसलिए (बिना सोचे-समझे मुंह में जो आए) बस बोलते चले जाना चाहिए। (एक बार) यदि लाज (शर्म) छोड़ दी जाए, तो फिर हर कोई ज्ञानी ही है। यह विपरीत (व्यंग्यात्मक) अर्थ में कहा गया है। कवि ऐसे लोगों की निंदा (आलोचना) करना चाहते हैं।


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

(No matter what nonsense one speaks) the tongue does not break, nor does the palate fall off. Therefore, one should just keep blabbering (whatever comes to mind without thinking). Once a person casts off all shame, everyone becomes a wise pundit. This has been said ironically (in an opposite sense). The poet intends to censure/criticize such people.

Friday, May 22, 2026

१४४७. श्रुतिस्मृतिपुराणानामालयं करुणालयम्।

१४४७. श्रुतिस्मृतिपुराणानामालयं करुणालयम्।  

नमामि भगवत्पादं शङ्करं लोकशङ्करम् ॥


अर्थ :- 

वेदवाङ्मय, स्मृति ग्रंथ आणि सर्व पुराणे हे ज्यांच्या जिभेवर वास करतात अशा, दयेचा सागर असणाऱ्या, जगताचे भल करणाऱ्या देवस्वरूप अशा (आद्य ) शंकराचार्यांना मी नमस्कार करतो/ते.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"वेद-वांग्मय (वैदिक साहित्य), स्मृति ग्रंथ और सभी पुराण जिनकी जिह्वा पर वास करते हैं, जो दया के सागर हैं, और इस संपूर्ण जगत का कल्याण करने वाले देवस्वरूप हैं, उन (आद्य) शंकराचार्य जी को मैं प्रणाम करता/करती हूँ।"


English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

"I bow to the divine (Adi) Shankaracharya, on whose tongue reside the Vedic literature, the Smriti texts, and all the Puranas; who is an ocean of compassion, and who works for the welfare of the entire world."

Thursday, May 21, 2026

१४४६. अग्निशेषं ऋणशेषं शत्रुशेषं तथैव च ।

१४४६. अग्निशेषं ऋणशेषं शत्रुशेषं तथैव च ।

पुनः पुनः प्रवर्धन्ते तस्माच्छेषं न कारयेत् ॥


अर्थ :- 

आग (विझवल्या नंतर)जर थोडीशी ज्वाळा राहिली असेल तर, तसेच कर्ज थोडं उरले किंवा शत्रूचा एखादा माणूस शिल्लक राहिला तर या गोष्टी पुन्हा पुन्हा खूप उग्र रूप धारण करतात म्हणून या समूळ नष्ट कराव्यात.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"यदि आग बुझाने के बाद भी उसकी थोड़ी सी चिंगारी (ज्वाला) बची रह जाए, वैसे ही यदि थोड़ा सा कर्ज बाकी रह जाए, या दुश्मन का कोई एक भी आदमी जीवित बच जाए, तो ये चीजें बार-बार बहुत उग्र रूप धारण कर लेती हैं। इसलिए इन्हें जड़ से नष्ट कर देना चाहिए।"


English Translation

"If a small spark remains after extinguishing a fire, or if a small amount of debt is left unpaid, or if even a single person from the enemy's side survives, these things tend to resurface and take a highly fierce form time and again. Therefore, they must be completely eradicated."



Wednesday, May 20, 2026

१४४५. पलाशकुसुमभ्रान्त्या शुकतुण्डे पतत्यलि:।

१४४५. पलाशकुसुमभ्रान्त्या शुकतुण्डे पतत्यलि:। 

सोsपि जम्बुफलभ्रान्त्या तमलिं धर्तुमिच्छति ॥


अर्थ :- 

(हे) पळसाच़े फुल आहे अशा गैरसमजाने भुंगा पोपटाच्या चोचीमध्ये अडकतो आणि तो सुद्धा हे जांभूळ आहे अशा गैरसमजुती मुळे त्या भुंग्याला पकडण्याची इच्छा करतो.

भ्रांतिमान् या अलंकाराच हे सुंदर उदाहरण आहे.


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"पलाश का फूल होने की गलतफहमी में भौंरा तोते की चोंच में फंस जाता है, और तोता भी वह जामुन है, इस गलतफहमी के कारण उस भौंरे को पकड़ने की इच्छा करता है। यह भ्रांतिमान अलंकार का एक सुंदर उदाहरण है।"


English Translation

"Mistaking the parrot's beak for a flame-of-the-forest (Palash) flower, the beetle gets trapped inside it; and the parrot, mistakenly thinking the beetle to be a blackberry (Jambhul), desires to catch it. This is a beautiful example of the Bhrantiman figure of speech (metaphor of illusion)." 

Tuesday, May 19, 2026

१४४४. किं करिष्यति शास्त्रं ते वार्धके समुपागते ।

१४४४. किं करिष्यति शास्त्रं ते वार्धके समुपागते ।

प्रायेण शिथिलायन्ते वृद्धानां सर्वसन्धय: ।।


अर्थ :- 

म्हातारपण आल्यावर शास्त्र(पठण तुला) कसे उपयोगी पडेल?  साधारणपणे वृद्धांचे सगळे सांधे शिथील होतात (तसंच उच्चार करताना, व्याकरणाच्या) संधीचा उच्चार सुद्धा चुकीचा होतो.

पाणिनीला उद्देशून :-) 


Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)

"बुढ़ापा आने पर शास्त्र (का पठन) तुम्हारे किस काम आएगा? आमतौर पर वृद्धों के शरीर के सभी जोड़ (सांधे) ढीले पड़ जाते हैं; उसी प्रकार, (शास्त्रों का) उच्चारण करते समय व्याकरण की संधि का उच्चारण भी त्रुटिपूर्ण (गलत) हो जाता है।"


English Translation

"How will the study/recitation of scriptures be of use to you when old age arrives? Generally, in old age, all the bodily joints become weak and loose; similarly, while reciting, even the phonetic blending (Sandhi) and grammatical pronunciations tend to falter and go wrong." 


Monday, May 18, 2026

१४४३. आब्रह्मस्तंम्बपर्यंतं सर्वं मायामयं जगत् ।

१४४३. आब्रह्मस्तंम्बपर्यंतं सर्वं मायामयं जगत् ।  

सत्यं सत्यं पुन: सत्यं हरेर्नामैव केवलम्॥


अर्थ :-  

जगामध्ये ब्रह्मापासून  गवताच्या काडी पर्यंत सर्व वस्तू माया (स्वरूपात) आहेत.  परमेश्वराच नाम ही एकच  गोष्ट खरी आहे हे त्रिवार सत्य आहे. 


हिंदी अनुवाद

"इस संसार में ब्रह्मा से लेकर घास के तिनके तक सभी वस्तुएं माया (स्वरूप) हैं। परमेश्वर का नाम ही एकमात्र सत्य है—यह त्रिकाल सत्य (त्रिवार सत्य) है।"

English Translation

"In this world, everything from Brahma to a blade of grass is an illusion (Maya). Only the name of the Supreme Lord is the ultimate truth—this is the absolute, thrice-proven truth."



Sunday, May 17, 2026

१४४२. उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं यः शोकवह्निं जनकात्मजायाः ।

 १४४२. उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं यः शोकवह्निं जनकात्मजायाः । 

आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम् ॥ 

 || श्रीहनुमते नमः ||


अर्थ :- ज्याने समुद्राचे पाणी लीलया पार करून, 

जनककन्या सीतेचा शोकरुपी अग्नी घेऊन, 

त्यानेच (त्याच अग्नीने) लंका जाळली, 

त्या अञ्जनीपुत्र हनुमंताला मी हात जोडून नमस्कार करतो.


Hindi Translation

"जिन्होंने समुद्र के पानी को खेल-खेल में (सहजता से) पार कर लिया, और जनक-पुत्री माता सीता के शोक रूपी अग्नि को लेकर उसी अग्नि से लंका को जला दिया; उन अंजनी-पुत्र हनुमान जी को मैं हाथ जोड़कर नमस्कार करता हूँ।"


English Translation

"Salutations with folded hands to Hanuman, the son of Anjani, who effortlessly crossed the ocean's waters, took the fire of sorrow from Janaka's daughter (Sita), and burned down Lanka with that very same fire."

Saturday, May 16, 2026

१४४१. अन्नपूर्णे , सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे ।

१४४१. अन्नपूर्णे , सदापूर्णे  शङ्करप्राणवल्लभे । 

ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं  भिक्षां मे देहि पार्वति ॥


अर्थ :- महादेवाला प्राणां प्रमाणे प्रिय असणाऱ्या, परिपूर्ण असणाऱ्या, अन्नपूर्णा अशा हे देवी पार्वती, मला वैराग्य आणि ज्ञान प्राप्त होण्यासाठी (ज्ञानाची) भिक्षा घाल.


Hindi Translation

"हे देवी पार्वती! जो महादेव को प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं, जो सर्वगुण संपन्न (परिपूर्ण) हैं, और जो साक्षात अन्नपूर्णा हैं; मुझे ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति के लिए (ज्ञान की) भिक्षा दीजिए।"


English Translation

"O Goddess Parvati, who is dearer than life itself to Lord Mahadev, who is perfect and complete, and who is Goddess Annapurna (the bestower of nourishment); please grant me the alms of knowledge, so that I may attain wisdom and detachment (Vairagya)."

Friday, May 15, 2026

१४४०. ब्रह्मध्वज नमस्तेsस्तु सर्वाभीष्टफलप्रद ।

  १४४०. ब्रह्मध्वज नमस्तेsस्तु सर्वाभीष्टफलप्रद ।

प्राप्तेsस्मिन्वत्सरे नित्यं मद्गेहे मङ्गलं कुरू ॥


अर्थ :- सर्वांना इच्छित वस्तू प्राप्त करून देणाऱ्या ब्रह्मध्वजा ,(उभारलेली गुढी) माझ्या घरात सुद्धा, नेहमी कल्याण कारक गोष्टी घडवून आण.


हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

"सभी को उनकी इच्छित वस्तुएं प्रदान करने वाले ब्रह्मध्वज (उभरी हुई गुढी), मेरे घर में भी हमेशा कल्याणकारी बातें (शुभ चीजें) घटित कराएं।"


अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

"O Brahmadhavaj (the hoisted Gudhi), who grants everyone their desired wishes, always bring auspiciousness and well-being into my home as well."