१४४९. मत्सम: पातकी नास्ति पापघ्नी त्वत्समा न हि ।
एवं ज्ञात्वा महादेवि यथायोग्यं तथा कुरु ॥
शंकराचार्य
अर्थ :- हे पार्वती देवी, माझ्या सारखा (अत्यंत) पापी माणूस भेटणार नाही आणि तुझ्या सारखी (अतिशय कनवाळू भक्तांच्या) पापांचे डोंगर नष्ट करणारी (देवी) पण मिळणार नाही. तर हे लक्षात घेऊन तू योग्य ते (माझ्या पापांचा नाश) करून टाक.
Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)
"हे पार्वती देवी! मेरे जैसा (अत्यंत) पापी मनुष्य तुम्हें कहीं नहीं मिलेगा और तुम्हारे जैसी (अतिशय दयालु, भक्तों के) पापों के पहाड़ को नष्ट करने वाली (देवी) भी कोई और नहीं मिलेगी। अतः इस बात को ध्यान में रखते हुए, तुम जो उचित हो वही (मेरे पापों का नाश) करो।"
English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)
"O Goddess Parvati! You will never find a sinner as wretched as me, and I will never find anyone like you who is so compassionate and capable of destroying mountains of sins. Keeping this in mind, please do what is appropriate (and destroy my sins)."
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