१५११. दर्शनध्यानसंस्पर्शै: मत्स्यी कूर्मी च पक्षिणी ।
शिशुं पालयते नित्यं तथा सज्जनसंगति: ॥
अर्थ :-
माशांची मादी (आपल्या संततीला फक्त) समोर ठेवते (नजरे आड होऊ देत नाही.), कासवाची मादी नुसती मनात पिल्लांच्या संगोपन याबद्दल विचार करते, पक्षीण पिलांना स्पर्श करून सूचना देते. त्याप्रमाणे भली माणस सर्व प्रकारांनी आपल्या सोबत्यांची काळजी घेतात.
हिंदी अनुवाद
"मछली केवल अपनी संतान को अपने सामने (नज़रों के सामने) रखती है, कछुआ केवल अपने मन में बच्चों के पोषण का विचार करता है, और चिड़िया (पक्षी) अपने बच्चों को स्पर्श करके निर्देश देती है। ठीक उसी प्रकार, सज्जन (अच्छे) लोग हर तरह से अपने साथियों की देखभाल और रक्षा करते हैं।"
English Translation
"A fish cares for her offspring merely by keeping them before her eyes, a female tortoise nurtures her young ones simply through her thoughts, and a mother bird guides her chicks through touch. In the very same manner, noble people care for and protect their companions in every possible way."
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