भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाण भारती।
तस्यां हि काव्यं मधुरं तस्मादपि सुभाषितम्॥

Sunday, August 30, 2026

१५१८. आपतन्ती विपत् पुंसा धीबलेन निवार्यते ।

१५१८. आपतन्ती विपत् पुंसा धीबलेन निवार्यते । 

इयं प्राप्ता स्त्रिया धैर्यात्सुसह्यत्वं तु नीयते ॥


अर्थ :- 

आपल्या बुद्धीच्या जोरावर येऊ घातलेले संकट माणूस टाळतो. (संकट) कोसळलं  तर स्त्री त्याला धैर्याने त्याला तोंड देते.


हिंदी भाषांतर

मनुष्य अपने विवेक और बुद्धि के बल पर आने वाले संकट को टाल देता है। (और यदि संकट) आ ही पड़े, तो स्त्री धैर्य के साथ उसका सामना करती है।

English Translation

A man averts an impending crisis by virtue of his intellect. But if disaster strikes, a woman confronts it with courage and fortitude.

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