भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाण भारती।
तस्यां हि काव्यं मधुरं तस्मादपि सुभाषितम्॥

Sunday, August 9, 2026

१५१०. प्राप्य प्रमाणपदवीं को नामास्ते तुलेsवलेपस्ते !

१५१०. प्राप्य प्रमाणपदवीं को नामास्ते तुलेsवलेपस्ते ! 

नयसि गरिष्ठमधस्तात्तदितरमुच्चैस्तरां कुरुषे ॥


अर्थ :- 

हे तुले (वजनकाटा)तू म्हणशील तेच खरं असा शिक्कामोर्तब झाल्यानंतर तुला एवढा गर्व का झालाय?  जो वजनदार असतो त्याला तू (मान द्यायचा सोडून) खाली ढकलतेस आणि जे (हलकं) असेल त्याला उंचीवर नेऊन ठेवतेस.


हिंदी अनुवाद

"हे तराजू (वजन काँटा)! जब यह पक्का हो ही चुका है कि तू जो कहेगा वही सच है, तो फिर तुझे इतना अहंकार क्यों हो गया है? जो (वजनदार) भारी होता है, उसे सम्मान देने के बजाय तू नीचे धकेल देता है, और जो (हल्का) होता है, उसे ऊँचा उठा देता है।"

English Translation

"O weighing scale! Once it has been firmly stamped that whatever you say is the ultimate truth, why have you become so arrogant? Instead of respecting that which is heavy (has substance), you push it down, and that which is light (lacks substance), you elevate to a higher position."

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