१४८९. या प्रकृत्यैव चपला निपतत्यशुचावपि ।
स्वामिनो बहु मन्यन्ते दृष्टिं तामपि सेवका:॥
अर्थ :-
जी स्वभावतः अस्थिर असते, खराब ठिकाणी सुद्धा रेंगाळते अशी नजर मालकाने आपल्या वर टाकली तर सेवकांना धन्य झालो असे वाटते.
हिंदी अनुवाद
वह नज़र जो स्वभाव से ही अस्थिर होती है और जो किसी बुरी (घटिया) जगह पर भी टिक जाती है, जब मालिक वैसी नज़र अपने सेवकों पर डालता है, तो वे खुद को धन्य महसूस करते हैं।
English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)
A glance that is inherently unstable and lingers even in wretched places—when the master casts such a glance upon his servants, they feel deeply blessed.
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