१४९५. अशेषवाग्जाड्यतमोपहन्त्री नवं नवं स्पष्टसुवाक्यदायिनी ।
ममेह जिह्वाग्रसुरङ्गनर्तकी भव प्रसन्ना वदने मम श्री:॥
अर्थ :- हे (ज्ञान) लक्ष्मी, शास्त्रांच्या बाबतीतील सर्व अज्ञान रूपी अंधार नाहीसा करणाऱ्या विद्यादेवी, सुंदर अशा नवनवीन अशा रचना करण्याची स्फूर्ती देणारी, अशा विद्यादेवी, माझ्या वर प्रसन्न होऊन तू माझ्या जिभेच्या टोकावर नर्तन कर.(मला नवनवीन काव्य स्फुरण होवो).
हिंदी अनुवाद
हे (ज्ञान) लक्ष्मी, शास्त्रों के विषय में सभी अज्ञान रूपी अंधकार को नष्ट करने वाली विद्यादेवी, सुंदर और नवीन रचनाएँ करने की स्फूर्ति (प्रेरणा) देने वाली विद्यादेवी, मुझ पर प्रसन्न होकर तुम मेरी जीभ के अग्रभाग (नोक) पर नृत्य करो। (ताकि मुझे नवीन काव्यों की प्रेरणा मिलती रहे।)
English Translation
O Goddess of Knowledge (Gyan Lakshmi), who destroys all the darkness of ignorance regarding the scriptures; O Goddess of Learning, who inspires the creation of beautiful and novel compositions—be pleased with me and dance upon the tip of my tongue. (May I be blessed with the inspiration to create new poetry.)
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